रायपुर, 28 जून .
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और पूर्ववर्ती सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के करीबी और सलाहकार रह चुके केके श्रीवास्तव के बैंक खाते में 300 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया है।
यह मामला तब सामने आया जब वित्तीय लेन-देन की निगरानी कर रही एजेंसियों को श्रीवास्तव के खाते में असामान्य गतिविधियां दिखाई दीं। प्रारंभिक जांच के बाद तेलीबांधा पुलिस ने श्रीवास्तव को हिरासत में लेकर रिमांड पर लिया और अब SIT (विशेष जांच दल) इस पूरे मामले की परतें खोलने में जुट गई है।
SIT की प्राथमिक जांच में पता चला है कि यह लेन-देन कई अलग-अलग खातों से होकर उनके निजी खाते तक पहुंचा, जो मनी लॉन्ड्रिंग की ओर इशारा करता है। इससे यह सवाल उठता है कि एक सलाहकार पद पर रहे व्यक्ति के पास इतने बड़े पैमाने पर रकम कैसे आई और उसका स्रोत क्या था?
राजनीतिक गलियारों में इस मामले को लेकर हलचल तेज हो गई है। विपक्ष ने इसे भूपेश सरकार का "सलाहकार घोटाला" करार देते हुए सीधा हमला बोला है। वहीं कांग्रेस खेमे की ओर से इसे "राजनीतिक बदले की कार्रवाई" बताया जा रहा है।
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